
क्रय केन्द्रों पर हों माकूल बन्दोबस्त, उपज की बिक्री में किसानों को न हो असुविधा
ल़क्ष्य 2.10 लाख मै.टन की पूर्ति हेतु 164 क्रय केन्द्रों पर होगी धान की खरीद
किसानों के पंजीयन कार्य में तेज़ी लाये जाने के दिये गये निर्देश
बहराइच । खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में मूल्य समर्थन योजना अन्तर्गत निर्धारित लक्ष्य 2.10 लाख मै.टन लक्ष्य की पूर्ति हेतु 164 धान क्रय केन्द्रों के माध्यम से जनपद में 01 नवम्बर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक धान की खरीद प्रस्तावित है। मूल्य समर्थन योजना अन्तर्गत धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य रू. 2441=00 प्रति कु. (कॉमन) तथा ग्रेड-ए हेतु रू. 2461=00 प्रति कु. निर्धारित है।
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अन्तर्गत धान/मक्का खरीद हेतु जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में कार्यशाला/बैठक के दौरान बताया गया कि जनपद हेतु निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु खाद्य विभाग को 85000, पी.सी.एफ. को 65000, पी.सी.यू. को 45500, नेफेड को 6000, मण्डी समिति को 5000 तथा भारतीय खाद्य निगम को 3500 मै.टन धान खरीद का लक्ष्य आवंटित किया गया है। श्री कुमार ने बताया कि जनपद में 164 क्रय केन्द्र अनुमोदित किये गये है, जिसमें खाद्य विभाग के 38, पीसीएफ के 67, पीसीयू के 47, मण्डी समिति के 04, नेफेड के 06 एवं भारतीय खाद्य निगम के 02 क्रय केन्द्र खोले गये है। जनपद में 32 राइस मिलें पंजीकृत है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने समस्त क्रय केन्द्रों पर स्टाफ की व्यवस्था, बैनर, इलेक्ट्रानिक कांटा, नमीमापक यंत्र, बोरा, क्रय केन्द्रों पर धनराशि की उपलब्धता इत्यादि की गहन समीक्षा करते हुए समस्त क्रय एजेन्सी के जिला प्रबन्धकों द्वारा तत्काल अपने-अपने विभाग के क्रय केन्द्रों का 01 नवम्बर 2026 से क्रियाशील करते हुए धान खरीद प्रारम्भ करने हेतु निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी द्वारा केन्द्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि अपने अपने केन्द्रों पर समय से उपस्थित होकर समस्त औपचाकताए पूर्ण करते हुए कृषकों से धान क्रय का कार्य सम्पादित किया जायेगा और समसत धान क्रय केन्द्र प्रभारियों को अधिक से अधिक कृषकों का पंजीकरण कराये जाने के निर्देश दिये गये। किसी भी दशा में केन्द्र प्रभारी अपने केन्द्र से अनुपस्थित नही रहेंगे। अन्यथा की दशा में केन्द्र प्रभारी/सचिव के साथ-साथ सम्बन्धित जिला प्रबंधक के विरूद्ध भी दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
जिला प्रबधक अपने-अपने केन्द्रों पर पर्याप्त बोरे एवं धनराशि तथा खरीद सम्बन्धी समस्त उपकरण आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। सभी केन्द्रों पर इलेक्ट्रानिक कांटे, नमीमापक यन्त्र, छलना, विनोईंग फैन, कृषकों के लिए पेयजल व बैठने इत्यादि की व्यवस्था करायेंगे। सभी क्रय केन्द्रों पर समस्त जरूरी अभिलेख भी उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये।
डीएम द्वारा मण्डी सचिव को कड़े निर्देश दिये गये कि समस्त केन्द्रों पर उपकरण आदि की सम्पूर्ण व्यवस्था पूरी होनी चाहिए। किसी भी केन्द्र पर खरीद सम्बन्धी कोई भी नमीमापक यन्त्र/विनोईंग फैन, पावर डस्टर, इलेक्ट्रानिक कांटा, छलना आदि समस्त सम्बन्धित उपकरण खराब या मरम्मत योग्य है तो उसे तत्काल बांट माप विभाग से सत्यापित कराते हुए केन्द्र प्रभारी को उपलब्ध कराया जाये। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, मुख्य राजस्व अधिकारी सौरभ दुबे सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी तथा क्रय एजेन्सियों के जिला प्रभारी मौजूद रहे।











