
लखनऊ: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया और कई जगहों पर हंगामा करते हुए नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की।
सीजेपी ने 24 जुलाई को देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन और हालिया पुलिस कार्रवाई के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया। लखनऊ में भी युवाओं, छात्रों और सपा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक की जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन की मुख्य बातें
हजरतगंज और आसपास के इलाकों में सपा कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या पहुंची। उन्होंने सीजेपी के समर्थन में नारे लगाए और सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर हंगामा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल का इस्तेमाल किया।
सीजेपी एक युवा-आधारित आंदोलन है, जिसकी शुरुआत मई 2026 में हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के एक बयान (जिसमें युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहा गया था) के बाद यह सैटिरिकल पार्टी बनी। इसका मुख्य फोकस प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक और युवा बेरोजगारी पर है। दिल्ली में जंतर-मंतर पर हफ्तों से धरना चल रहा था। 20 जुलाई के आसपास संसद की ओर मार्च की कोशिश के दौरान पुलिस एक्शन हुआ था। इसी बीच जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म की थी।
सपा का रुख
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर सीजेपी का समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के मुद्दों को दबाया जा रहा है। पार्टी ने पहले भी कई मौकों पर परीक्षा सुधार और युवा मुद्दों पर प्रदर्शन किए हैं। लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से प्रदर्शन को अतिरिक्त ताकत मिली।
पुलिस और प्रशासन
लखनऊ पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी बल तैनात किया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। प्रशासन का कहना है कि अनुमति के बिना या अव्यवस्था फैलाने वाले प्रदर्शनों पर कार्रवाई की जाएगी।
यह प्रदर्शन दिल्ली के बड़े आंदोलन का हिस्सा था, जहां विपक्षी दलों ने भी छात्रों के मुद्दों पर समर्थन जताया। सीजेपी की मांगों में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, छात्रों को मुआवजा और प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे वापस लेना शामिल है।











