
शुक्रवार (25 सितंबर 2026) को लखनऊ में लगातार तेज बारिश और तेज हवाओं ने शहर का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। सुबह से शुरू हुई बरसात शाम तक जारी रही, जिससे कई इलाकों में जलभराव हो गया और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
तापमान में भारी गिरावट
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान मात्र 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 10 डिग्री कम है। यह सितंबर के इतिहास में 25 तारीख को दर्ज दूसरा सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान भी 22 डिग्री के आसपास रहा। आर्द्रता 90-100 प्रतिशत के बीच बनी रही, जिससे ठंड का अहसास और बढ़ गया।
जलभराव और प्रभावित इलाके
गोमतीनगर, इंदिरानगर, आलमबाग, महानगर और पुराने लखनऊ समेत कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया। जनेश्वर मिश्र पार्क के पास भी जलभराव की शिकायतें आईं। लोगों को पैदल चलने और वाहन निकालने में दिक्कत हुई। कुछ जगहों पर ट्रैफिक जाम भी लगा।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने लखनऊ समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा) और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। शुक्रवार दोपहर 5:30 बजे तक शहर में करीब 50 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।

बंगाल की खाड़ी से आए निम्न दबाव के क्षेत्र (मीडिया में अर्नब के नाम से चर्चित) का असर पूरे प्रदेश पर दिख रहा है। कल (शनिवार) भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है, जिसके बाद मौसम साफ होने के आसार हैं।
आम लोगों की सलाह
- अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
- जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतें।
- बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें।
- मौसम ऐप या IMD की आधिकारिक अपडेट्स पर नजर रखें।
लखनऊवासियों के लिए यह अचानक आई ठंड और बारिश राहत भरी भी है, लेकिन जलभराव की समस्या एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर गई है।











