
प्रयागराज/लखनऊ। अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी श्रीराम वन गमन मार्ग (एनएच-731ए) पर निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद आईं बड़ी दरारों और धंसाव ने सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले पर गहरी नाराजगी जताई है। उनके निर्देश पर संबंधित अधिकारियों और निर्माण कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई है। अब सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारणों की गोपनीय जांच कराने की तैयारी है, जिसमें 10 से अधिक अभियंता जांच की जद में आने की संभावना है।
क्या हुआ?
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-731ए के पैकेज-दो (प्रतापगढ़ के अवतारपुर से प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर तक) पर करीब 14 किलोमीटर से अधिक लंबाई का निर्माण लगभग 407 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। निर्माण पूरा होने के कुछ समय बाद ही लखनऊ राजमार्ग क्रॉस पॉइंट से श्रृंगवेरपुर धाम स्थित गंगा पुल तक करीब 350 मीटर से अधिक हिस्से में बड़ी-बड़ी दरारें और धंसाव दिखाई देने लगे। कुछ स्थानों पर सड़क किनारे की पटरी में दरारें आईं तथा सुरक्षात्मक कार्य भी क्षतिग्रस्त हो गए।इससे पहले भी श्रृंगवेरपुर धाम के पास 100 मीटर के दायरे में चार स्थानों पर दरारें और धंसाव की खबरें आई थीं। आवागमन प्रभावित होने के बाद संबंधित हिस्से पर यातायात रोक दिया गया था।
सीएम योगी की नाराजगी और मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ ने वर्षा व बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की समीक्षा बैठक में इस मामले पर गंभीरता व्यक्त की और अधिकारियों को शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इसके बाद शासन स्तर पर तेज कार्रवाई हुई:- अधिशासी अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) प्रयागराज **रवींद्र पाल सिंह** को निलंबित कर दिया गया।- अधीक्षण अभियंता (एसई) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए।- निर्माण कंपनी एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स तथा गुणवत्ता जांच से जुड़ी फर्म के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।निरीक्षण टीम ने पाया कि संबंधित अधिकारियों ने परियोजना के पर्यवेक्षणीय दायित्वों का ठीक से निर्वहन नहीं किया।
गोपनीय जांच की अब
सड़क क्षतिग्रस्त होने के वास्तविक कारणों की गोपनीय जांच कराने की तैयारी चल रही है। जांच में निर्माण की गुणवत्ता, सामग्री का उपयोग, जल निकासी व्यवस्था, निगरानी तंत्र और अधिकारियों की भूमिका को परखा जाएगा। सूत्रों के अनुसार जांच की जद में 10 से अधिक अभियंता आ सकते हैं।परियोजना का श्रीराम
वन गमन मार्ग अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, श्रृंगवेरपुर धाम, कौशाम्बी और चित्रकूट को जोड़ने वाला ग्रीनफील्ड हाईवे है। इसका उद्देश्य भगवान श्रीराम के वनगमन मार्ग को विकसित कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 4,400 करोड़ रुपये है।अधिकारियों का शुरुआती दावा था कि भारी बारिश और मिट्टी कटाव के कारण क्षति हुई है। हालांकि, निर्माण पूरा होने के तुरंत बाद ऐसी समस्या आने से गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। मरम्मत का काम तेज कर दिया गया है और जल्द प्रभावित हिस्से को दुरुस्त करने का दावा किया जा रहा है।सरकार की सख्ती और आगामी जांच से साफ है कि गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वालों पर और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।










