
प्रदेश के के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि समाज के दिव्यांगजन को विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित करने हेतु उ0प्र0 सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिसमे राज्य स्तर पर दिव्यांगजन द्वारा एवं दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाता है। इस राज्य स्तरीय पुरस्कार में कुल 12 श्रेणियाँ तथा 30 उपश्रेणियाँ हैं। श्री नरेन्द्र कश्यप जी ने कहा कि प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों की स्क्रूटिनी कार्य को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा जिन श्रेणियों में आवेदन प्राप्त नहीं हुये हैं उन श्रेणियों में ज़िला दिव्यांगजन अधिकारी एवं ज़िलाधिकारी के माध्यम से आवेदन मंगाए जाए। कोई भी श्रेणी आवेदनकर्त्ता से रिक्त न रहें। सरकार ने इस मद हेतु पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की है। अतः इस धनरिश का सदुपयोग किया जाए। उन्होंने इस मद में दी जाने वाली धनराशि का ज़िक्र करते हुऐ कहा कि पुरस्कार की धनराशि जो महज़ 5000/- थी वर्तमान सरकार ने उसे बढ़ाकर 25000/- कर दिया है।
मंत्री जी ने कहा कि दिव्यांगजों को पुरस्कृत करने का उद्देश्य उनके मनोबल को बढ़ाना तथा उन्हें यह विश्वास दिलाना है कि वह जीवन में अकेले नहीं है बल्कि उ0प्र0 सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है। उन्होनें बैठक मे उपस्थित सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण कार्यक्रम की सभी औपचारिकताएं ससमय पूर्ण कर ली जाएं। किसी भी स्तर पर अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। पात्र दिव्यांगजन, नियोक्ता एवं दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले को पुरस्कृत किया जाए।
वर्गीकृत श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग कर्मचारी/स्वनियोजित दिव्यांगजन हेतु 04 पुरस्कार, दिव्यांगजन हेतु सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता तथा सर्वश्रेष्ठ प्लेसमेन्ट अधिकारी या एजेन्सी हेतु 02 पुरस्कार, दिव्यांगजन के निमित्त कार्यरत सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति तथा सर्वश्रेष्ठ संस्था हेतु 04 पुरस्कार, प्रेरणास्रोत हेतु 05 पुरस्कार, दिव्यांगजन के जीवन सुधारने के निमित्त सर्वश्रेष्ठ नवीन अनुसंधान व उत्पाद विकास हेतु 02 पुरस्कार, दिव्यांगजन हेतु बाधामुक्त वातावरण के सृजन के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्य हेतु 02 पुरस्कार, दिव्यांगजन को पुनर्वास सेवायें प्रदान करने वाला सर्वश्रेष्ठ ज़िला हेतु 01 पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ सृजनशील दिव्यांग वयस्क व्यक्तियों एवं सर्वश्रेष्ठ बालक/बालिका हेतु 04 पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ ब्रेल प्रेस हेतु 01 पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग खिलाड़ी हेतु 02 पुरस्कार तथा दिव्यांगजन के सशक्तिकरण हेतु कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी हेतु 02 पुरस्कार निमित्त किये गये हैं।
इस बैठक में मंत्री जी ने 03 दिसम्बर ‘विश्व दिव्यांगता दिवस’ पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम, जिसमें मा0 मुख्यमंत्री जी भी सम्मिलित होंगे की तैयारियों की समीक्षा की तथा सम्बन्धित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि उक्त कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की शिथिलता एवं लापरवाही न बरती जाए। 03 दिसम्बर के कार्यक्रयम को सफल बनाने के लिए अभी से रणनीति तैयार कर उस पर क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में श्री राजेश कुमार सिंह, प्रमुख सचिव दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, श्रीमती अस्मिता लाल, निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, श्री अमित सिंह, संयुक्त निदेशक तथा श्री अमित राय, उप निदेशक दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अतिरिक्त अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थें।









