
मोहनलालगंज (लखनऊ)। विकासखंड मोहनलालगंज के भदेसुआ गांव स्थित मजरा मंसबखेड़ा में रविवार-सोमवार की रात तेज बारिश के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र की 27 साल पुरानी बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। हादसा रात में होने के कारण केंद्र में मौजूद नहीं रहने वाले 35 बच्चों की जान बाल-बाल बच गई।

ग्राम प्रधान भदेसुआ गीता ने बताया कि मंसबखेड़ा में आंगनबाड़ी का अपना भवन नहीं है। केंद्र पुराने सामुदायिक केंद्र की इमारत में संचालित हो रहा था। दीवार पर लगे शिलापट्ट के अनुसार यह बिल्डिंग वर्ष 1999 में उद्घाटन हुई थी। केंद्र में शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के कुल 35 बच्चे पंजीकृत हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री रानी ने बताया कि सोमवार सुबह जब वे बच्चों के साथ केंद्र पहुंचीं तो छत पूरी तरह गिर चुकी थी। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए तुरंत केंद्र को बगल में रहने वाले रामप्रताप यादव के मकान में शिफ्ट कर दिया गया। रामप्रताप यादव ने समाजसेवा की भावना से अपना मकान बिना किसी किराए के केंद्र संचालन के लिए उपलब्ध करा दिया है।

ग्राम प्रधान गीता ने कहा कि केंद्र के लिए नए भवन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। वे जल्द ही इसकी मंजूरी और निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग करेंगी ताकि बच्चों को सुरक्षित और स्थायी स्थान मिल सके।

संक्षेप में:
रात के समय हुई यह घटना बच्चों के लिए राहत भरी साबित हुई। फिलहाल केंद्र अस्थायी रूप से पड़ोसी के मकान में चल रहा है, जबकि नए भवन की प्रक्रिया शासन स्तर पर लंबित है।









