
बाराबंकी। राज्य कर विभाग द्वारा औषधि, फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल उपकरण एवं संबंधित उत्पादों के व्यापार से जुड़े करदाताओं के लिए जीएसटी अनुपालन और जागरूकता पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वैच्छिक कर अनुपालन को बढ़ावा देना तथा व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करना था।
बैठक के दौरान राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने दवा व्यापारियों से समय से रिटर्न दाखिल करने और सही जीएसटी अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की। विभाग ने व्यापारियों को विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जागरूक किया:
- GSTR-1 एवं GSTR-3B को निर्धारित समय सीमा के भीतर दाखिल करना
- GSTR-2B से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का मिलान करना और केवल पात्र ITC का ही दावा करना
- Books of Accounts और GST Returns का नियमित मिलान करना
- फार्मा व्यवसाय से जुड़े विशेष अनुपालन जैसे एक्सपायर्ड दवाइयां, सेल्स रिटर्न, क्रेडिट/डेबिट नोट, फ्री सैंपल्स, बैच/एक्सपायरी-वाइज स्टॉक, सही HSN कोड व कर की दर, B2B/B2C आपूर्ति तथा ई-इनवॉइस/ई-वे बिल का सही उपयोग
बैठक में बाराबंकी केमिस्ट एसोसिएशन ने प्रदेश के सभी GST पंजीकृत दवा व्यापारियों एवं उनके आश्रित परिवारों के लिए आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत ₹5 लाख तक की स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग रखी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इससे व्यापारी परिवारों को गंभीर बीमारी एवं आकस्मिक चिकित्सा परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। उनका मानना है कि इस कदम से और अधिक व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत होने के लिए प्रेरित होंगे।
बैठक में दवा व्यवसाय से जुड़ी दो महिला व्यापारियों अनुपमा गुप्ता और मंजू सोनी ने भी सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया तथा मंच पर अपने विचार व व्यावहारिक समस्याएं अधिकारियों के साथ साझा कीं।
इस बैठक में राज्य कर विभाग के उपायुक्त विकास कुमार सेठ, अंजू उपाध्याय, सोनिका, सहायक आयुक्त ज्योत्स्ना सिंह, अजय श्रीवास्तव, शिवशंकर तथा केमिस्ट एसोसिएशन के चेयरमैन संजय शुक्ला, प्रेसिडेंट जितेन्द्र सिंह वर्मा, संदीप टण्डन, पुत्तनलाल मिश्रा, डी.बी. सिंह, आनन्द बंसल, अरुण गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और व्यापारी उपस्थित रहे।









