प्रदेश में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं का हुआ विस्तार

0
1
Advertisement

 प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कर नल से जल की आपूर्ति की जा रही है।  ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में जल जीवन मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 50रू50 प्रतिशत अनुपात में वित्त पोषण के आधार पर संचालित इस मिशन के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को उनके घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में कुल 2,67,20,039 ग्रामीण परिवारों को पाइप पेयजल योजनाओं से आच्छादित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 2,46,53,462 परिवारों को गृह नल संयोजन प्रदान किए जा चुके हैं। इस प्रकार प्रदेश के लगभग 92 प्रतिशत लक्षित परिवारों तक नल कनेक्शन की पहुंच सुनिश्चित की जा चुकी है।
      प्रदेश के विन्ध्य एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्र के नौ जनपदों में कुल 20,98,899 परिवारों के लक्ष्य के सापेक्ष 20,72,017 परिवारों को क्रियाशील गृह नल संयोजन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, प्रदेश के अन्य 66 जनपदों में 2,46,21,140 परिवारों के सापेक्ष 2,25,81,445 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। प्रदेश के सभी 97,070 गांवों में ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं का निर्माण एवं संचालन किया जा रहा है। अब तक 38,317 गांवों को ‘हर घर जल’ की आपूर्ति की जा रही है, जिनमें से 28,309 से अधिक गांवों को ग्राम पंचायतों द्वारा प्रमाणित भी किया जा चुका है।
      प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक पेयजल वितरण नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 5.64 लाख किलोमीटर से अधिक जल वितरण प्रणाली बिछाने के लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 5.20 लाख किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। पाइपलाइन निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुई लगभग 2.02 लाख किलोमीटर सड़कों के पुनर्स्थापन के दृष्टिगत सड़कों की मरम्मत कराई जा चुकी है।
      पर्यावरण संरक्षण और परियोजनाओं के दीर्घकालिक स्थायित्व को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में सौर ऊर्जा आधारित पेयजल परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया गया है। कुल 33,157 ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाएं, लगभग 80 प्रतिशत परियोजनाओं के रूप में, सौर ऊर्जा आधारित बनाई गई हैं, जिन पर लगभग 900 मेगावॉट क्षमता के सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने, संचालन एवं अनुरक्षण की लागत नियंत्रित करने तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही, परियोजनाओं के नियमित संचालन और निर्धारित मात्रा में गुणवत्तायुक्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में संचालन एवं अनुरक्षण नीति-2024 भी लागू की गई है।
      जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन में जनभागीदारी और जागरूकता को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में 28,606 एएनएम, 60,102 आशा कार्यकर्ताओं, 1,10,949 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, 1,10,453 स्कूल अध्यापकों तथा 1,66,504 स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया है। इससे ग्रामीण स्तर पर पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता बढ़ाने और योजनाओं के प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहन देने में सहयोग प्राप्त हो रहा है।
      गणतंत्र दिवस समारोह-2026 के अवसर पर झांसी, सोनभद्र, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, मेरठ, बिजनौर, बरेली एवं अमरोहा के ग्रामीण परिवारों तथा वंचित वर्गों और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बहुल गांवों के प्रतिनिधियों को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित कर पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के माननीय मंत्री जी द्वारा सम्मानित किया गया।
      जल जीवन मिशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश में ग्रामीण पेयजल अवसंरचना का विस्तार होने के साथ ही सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार को बढ़ावा मिल रहा है। शेष परिवारों तक नल कनेक्शन पहुंचाने, नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने तथा निर्मित परियोजनाओं के उचित रखरखाव पर निरंतर ध्यान देकर प्रदेश ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में अग्रसर है।

Advertisement
Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here