प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में ग्रामीण परिवारों तक शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संवर्धन और जनजागरूकता को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। मिशन के माध्यम से पेयजल सुविधाओं के विस्तार के साथ समुदायों को जल की गुणवत्ता, जल जनित बीमारियों की रोकथाम तथा जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों में ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, विद्यालयों और स्थानीय समुदायों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।
जल महोत्सव-2026 के अंतर्गत 11 मार्च, 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय ‘मेगा इवेंट‘ में उत्तर प्रदेश के अमरोहा, अयोध्या, बांदा, बस्ती, चित्रकूट, गोरखपुर, झांसी, कानपुर देहात, ललितपुर, लखनऊ, महोबा, सहारनपुर, श्रावस्ती एवं सोनभद्र जनपदों के उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जनपद चित्रकूट की रचना देवी को माननीया राष्ट्रपति महोदया तथा श्री देवस्वरूप कुंजबिहारी, अध्यक्ष ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (टॅैब्), को माननीय केंद्रीय जल शक्ति मंत्री द्वारा ‘ब्.म्गमउचसंतल थ्पदंदबपंस ैनेजंपदंइपसपजल जीतवनही न्ेमत ब्ींतहम ब्वससमबजपवद’ श्रेणी में सम्मानित किया गया। यह सम्मान ग्रामीण स्तर पर सामुदायिक सहभागिता और पेयजल योजनाओं की वित्तीय स्थिरता के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित करता है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता को पोषण और स्वास्थ्य से जोड़ने पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। भारत सरकार के जन आंदोलन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 8वां पोषण पखवाड़ा 9 से 23 अप्रैल, 2026 तक आयोजित किया गया। इस दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों पर साफ-सफाई अभियान, सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता, जल स्रोतों की सफाई एवं गुणवत्ता जांच तथा बच्चों और अभिभावकों को हाथ धोने एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक करने जैसी गतिविधियां संचालित की गईं। ग्राम पंचायत स्तर पर पोषण जागरूकता बैठकें, स्वच्छ जल एवं पोषण विषयक रैलियां तथा आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदाय की सहभागिता के माध्यम से बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए स्वच्छ पेयजल के महत्व को रेखांकित किया गया।
पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के सतत प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए 22 अप्रैल, 2026 को ‘विश्व पृथ्वी दिवस‘ के अवसर पर विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रभात फेरियों, ग्राम सभाओं और विद्यालयों के माध्यम से जल संचयन, जल संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा तथा सतत जल प्रबंधन का संदेश दिया गया। हाथ धोने एवं सुरक्षित जल भंडारण का प्रदर्शन करने के साथ ओवरहेड टैंक (व्भ्ज्) परिसरों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर वृक्षारोपण, वर्षा जल संचयन तथा भूजल पुनर्भरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई। विद्यालयों में चित्रकला, नारा लेखन और जल संरक्षण की शपथ जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को भी इस अभियान से जोड़ा गया। इसी कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 से 7 जुलाई, 2026 तक लाखों पौधों का रोपण भी कराया गया।
जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए 1 जून से 31 जुलाई, 2026 तक भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा संचालित स्टॉप डायरिया अभियान-2026 के अंतर्गत प्रदेश के सभी जनपदों में ग्राम पंचायत स्तर पर विविध गतिविधियां आयोजित किये गये। आंगनवाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामुदायिक स्थलों पर जल गुणवत्ता परीक्षण तथा जल प्रबंधन, स्वच्छता एवं व्यक्तिगत साफ-सफाई से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 11,63,340 विद्यालयों तथा 1,55,136 आंगनवाड़ी केंद्रों में पाइप पेयजल परियोजनाओं के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराई गई। इसके अतिरिक्त, जल की गुणवत्ता की जांच के लिए पांच लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर जल गुणवत्ता की निगरानी और सुरक्षित पेयजल के प्रति सामुदायिक जागरूकता को बढ़ावा मिला है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में संचालित जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। मिशन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्यों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश को पांचवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं में सौर ऊर्जा के अभिनव उपयोग के लिए नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग को प्रधानमंत्री पुरस्कार उत्कृष्ट लोक प्रशासन, 2023 के लिए चयनित किया गया। जल जीवन मिशन प्रदेश में पेयजल सुविधाओं के विस्तार के साथ जनभागीदारी, जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संवर्धन और पारदर्शी प्रशासन को प्रोत्साहित करने वाला महत्वपूर्ण अभियान बनकर उभर रहा है। जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी, स्थानीय समुदायों के प्रशिक्षण और योजनाओं के प्रभावी संचालन पर निरंतर ध्यान देकर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता को अधिक टिकाऊ बनाया जा रहा है। इन समन्वित प्रयासों से स्वस्थ, स्वच्छ और जल-सुरक्षित ग्रामीण उत्तर प्रदेश के निर्माण को गति मिल रही है।
जल संरक्षण, जनभागीदारी और स्वच्छता के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई गति दे रहा है जल जीवन मिशन
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