
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर धरातल पर उतारें अधिकारी, ब्लैक स्पॉट पर तत्काल कराएं सुरक्षा संबंधी सुधार
हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य प्रयोग, ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी कार्रवाई और स्कूली वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
मुसीबत की घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़े होकर शासन की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रभावी कदम उठाए जाएं
-आयुक्त ओ.पी. आर्य
अलीगढ़ : आयुक्त अलीगढ़ मण्डल, अलीगढ़ ओ.पी. आर्य की अध्यक्षता में मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) पर सुधारात्मक कार्यवाही, यातायात नियमों का अनुपालन, प्रवर्तन कार्रवाई तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की गई। आयुक्त ने कहा कि मण्डल के सभी जनपदों यथा कासगंज, अलीगढ़, एटा एवं हाथरस में रोड एक्सीडेंड में कमी लाने हेतु शासन की अपेक्षानुसार कार्य करें। मुसीबत की घड़ी में हम जनता के साथ खड़े रहें, इसके लिए सार्थक प्रयास अवश्य होने चाहिए।
आयुक्त ने वर्ष 2024, 2025 एवं 2026 में हुई सड़क दुर्घटनाओं के तुलनात्मक आंकड़ों की समीक्षा करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। इसके लिए केवल औपचारिक कार्यवाही पर्याप्त नहीं है, बल्कि दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर प्रभावी एवं परिणामपरक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट का नियमित निरीक्षण कर वहां साइनेज, रिफ्लेक्टर, रोड मार्किंग, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकों में लिए गए निर्णयों का समयबद्ध अनुपालन भी सुनिश्चित करने को कहा।
मण्डलायुक्त ने परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस को ओवरस्पीडिंग, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग न करने, गलत दिशा में वाहन चलाने तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हिट एंड रन दुर्घटनाओं में पीड़ितों एवं उनके परिजनों को नियमानुसार सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराने और संबंधित मामलों में दोषी वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्यवाही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। आयुक्त ने भारी वाहनों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए डेडिकेटेड ट्रक पार्किंग/डंपिंग यार्ड की स्थापना की संभावनाओं पर कार्यवाही करने तथा राहवीर योजना एवं सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स (पीएम राहत) योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
मण्डलायुक्त ने विद्यालयों में संचालित वाहनों की सुरक्षा को विशेष महत्व देते हुए उन्होंने जिला विद्यालय वाहन परिवहन सुरक्षा समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने, स्कूली वाहनों की फिटनेस, निर्धारित सुरक्षा मानकों, विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितियों की सक्रियता तथा वाहन चालकों के चरित्र सत्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही स्कूली वाहनों में चालक के अतिरिक्त परिचालक की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी डीआईओएस अपने जिले के स्कूल संचालको से समय समय पर स्कूलों से सम्बद्ध वाहनचालकों के चरित्र सत्यापन की रिपोर्ट का मूल्यांकन कर सूची पुलिस, परिवहन विभाग को उपलब्ध कराएं, जिससे कि कोई भी अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति वाहन संचालन न कर सके।
आयुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता मिलना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से त्वरित चिकित्सा एवं आपातकालीन सहायता की व्यवस्था मजबूत करें। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। सभी विभाग पूरी संवेदनशीलता, जिम्मेदारी एवं समन्वय के साथ कार्य करते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस परिणाम सुनिश्चित करें। आमजन को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर अभियान चलाए जाएं।
बैठक में अखिलेश यादव अपर आयुक्त प्रथम, एसपी यातायात प्रवीन यादव, आरटीओ दीपक कुमार शाह, आरटीओ दिनेश कुमार, एडी बेसिक लक्ष्मीकांत पाण्डेय, मण्डल के सभी जिलों से एआरटीओ सहित अन्य संबंधित विभागों के मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे।










