
श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर तेजी से पूरा कराएं निर्माण कार्य, मानकों से समझौता बर्दाश्त नहीं
-जिलाधिकारी
अलीगढ़ : जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने राजकीय होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज में यूपीआरएनएसएस द्वारा निर्माणाधीन छात्रावास का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मौके पर अत्यंत कम संख्या में श्रमिक कार्य करते पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए श्रमिकों की संख्या तत्काल बढ़ाने और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि छात्रावास का निर्माण शीघ्र पूरा कराकर मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों को इसका लाभ उपलब्ध कराया जा सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप ही कराया जाए। कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रावास विद्यार्थियों की सुविधा से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना है, इसलिए इसका निर्माण समयबद्ध ढंग से उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कई कमियां सामने आईं। लोहे की ग्रिल पर रेड ऑक्साइड का प्रयोग नहीं किए जाने के कारण जंग लगी पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल सुधार कराने के निर्देश दिए। छत पर ब्रिकोवा का कार्य कराया गया था, लेकिन ढाल सही नहीं मिलने के कारण जलभराव की आशंका पाई गई। साथ ही छत पर भारी मात्रा में निर्माण सामग्री एवं मलबा जमा मिला, जिसे तत्काल हटवाने के निर्देश दिए गए।
भवन में अग्निशमन यंत्र स्थापित नहीं पाए गए। इस पर परियोजना प्रबंधक ने बताया कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत इन्हें स्थापित कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य के सभी सुरक्षा संबंधी प्रावधानों को मानकों के अनुरूप पूर्ण कराने के निर्देश दिए। भवन के आसपास गंदगी एवं मलबे का ढेर मिलने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। प्रोजेक्ट मैनेजर यूपीआरएनएसएस योगेंद्र बहादुर सिंह ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि छात्रावास निर्माण की कार्यपूर्ति की निर्धारित तिथि अप्रैल 2027 है और कार्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करा लिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में पाई गई सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों का समुचित सत्यापन एवं गुणवत्ता की जांच किए बिना छात्रावास का हैंडओवर स्वीकार नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं सुविधायुक्त छात्रावास उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।









