
हटाए गए 20 हजार से अधिक कर्मियों को मिलेगी दोबारा मौका
लखनऊ | 11 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद की अध्यक्षता में रविवार को शक्ति भवन, लखनऊ में आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रतिनिधि संगठन (निविदा/संविदा कर्मचारी संघ) के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में लंबे समय से चले आ रहे कई मुद्दों पर सहमति बनी और कर्मचारियों के हित में बड़े फैसले लिए गए।
बैठक के मुख्य फैसले
- सेवा अवधि बढ़ाई गई
अब आउटसोर्स कर्मचारी अगर स्वास्थ्य और शारीरिक फिटनेस में बेहतर पाए जाते हैं तो वे 55 साल की जगह 60 साल तक सेवा दे सकेंगे। - फिटनेस प्रमाणपत्र अनिवार्य
55 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद कर्मचारियों को पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर से स्वास्थ्य एवं फिटनेस प्रमाणपत्र लेकर संबंधित आउटसोर्स कंपनी को जमा करना होगा। साथ ही उन्हें यह भी घोषित करना होगा कि वे कार्य करने में सक्षम और इच्छुक हैं। - हटाए गए कर्मचारियों की बहाली
पिछले दो वर्षों में सेवा से हटाए गए लगभग 20 से 25 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने पर विचार किया जाएगा। केवल उन्हीं कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनका पिछला रिकॉर्ड साफ है (कर्तव्य में शिथिलता, अनुशासनहीनता, उपभोक्ताओं से गलत व्यवहार, बिजली चोरी या धन उगाही जैसे आरोप न हों)। - धरना-प्रदर्शन वापस
कर्मचारी संगठन ने प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया और कॉरपोरेशन के राजस्व लक्ष्यों तथा व्यवस्था सुधार में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
पृष्ठभूमि
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा निगमों में करीब 85 हजार आउटसोर्स कर्मी दो वर्ष पहले तक तैनात थे। धीरे-धीरे इनमें से बड़ी संख्या को 55 वर्ष की आयु का हवाला देकर हटा दिया गया था। कर्मचारी संगठन लंबे समय से सेवा अवधि बढ़ाने और हटाए गए कर्मियों की बहाली की मांग कर रहा था।
बैठक के बाद दोनों पक्षों ने इसे सकारात्मक और रचनात्मक बताया। पावर कारपोरेशन प्रशासन ने कहा कि कर्मचारियों के हित और संस्था के लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए आगे भी संवाद जारी रहेगा।
यह फैसला प्रदेश के हजारों आउटसोर्स बिजलीकर्मियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।











