
लखनऊ। नगर विकास मंत्री ने मानसून तैयारियों को लेकर सभी नगर निकायों के अधिकारियों को सख्त हिदायतें दी हैं। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान किसी भी नगर निकाय क्षेत्र में जलभराव, सीवर बैकफ्लो, गंदगी या कचरे के ढेर जैसी स्थिति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इस बात पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि सभी निकाय युद्धस्तर पर कार्य करें। बारिश के मौसम में संक्रामक रोगों की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए सभी नगर निकायों को ब्लीचिंग पाउडर, एंटी-लार्वा दवाओं एवं अन्य आवश्यक रसायनों का नियमित छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंपिंग स्टेशनों का रखरखाव अनिवार्य
मंत्री ने निर्देश दिए कि जहां भी पंपिंग स्टेशन और पंपिंग सेट स्थापित हैं, उनका तत्काल रखरखाव किया जाए। ड्रिल के जरिए पहले ही उन्हें चलाकर जांच ली जाए, ताकि बारिश के दौरान वे तुरंत काम कर सकें।
उन्होंने साफ चेतावनी दी कि बारिश के दौरान मशीन खराब होने या रखरखाव का बहाना बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा।
लापरवाही पर कार्रवाईयदि कहीं भी सीवर ओवरफ्लो, नालियों की सफाई में लापरवाही, जलभराव या स्वच्छता व्यवस्था में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। नगर आयुक्तों को सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने और हर शिकायत का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:
* प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग — श्री पी. गुरुप्रसाद
* निदेशक — श्री अनुज कुमार झा
* विशेष सचिव — श्री सत्य प्रकाश पटेल
* मिशन निदेशक — श्रीमती ऋतु सुहास
सरकार का प्रयास है कि इस मानसून सीजन में नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।











