
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली कंपनियों की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) और नई बिजली दरों की घोषणा बहुत जल्द कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इस बार भी बिजली की दरों में कोई बड़ी बढ़ोतरी न करने का रुख रखा जा रहा है।
पिछले छह वर्षों से उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। ऐसे में लाखों-करोड़ों बिजली उपभोक्ता आयोग के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
क्यों है राहत की उम्मीद?
-चुनावी वर्ष में सरकार और नियामक आयोग आमतौर पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने से बचते हैं।
-बिजली कंपनियों ने अपनी ARR प्रस्तुत की है, लेकिन आयोग इन प्रस्तावों की सावधानीपूर्वक समीक्षा कर रहा है।
-हालांकि, हाल के महीनों में फ्यूल सरचार्ज के रूप में 10% अतिरिक्त शुल्क लगने से उपभोक्ताओं में थोड़ी नाराजगी जरूर है।
अब तक की स्थिति,
आयोग ने अप्रैल 2026 में ट्रांसमिशन कंपनी (UPPTCL) और SLDC के टैरिफ ऑर्डर पहले ही जारी कर दिए हैं। अब घरेलू, व्यावसायिक, कृषि और अन्य श्रेणियों के लिए रिटेल बिजली दरों पर अंतिम फैसला बाकी है।
यदि कोई संशोधन होता भी है तो वह बहुत सीमित और कुछ खास श्रेणियों तक ही रहने की संभावना है। आम घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को इस बार भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सलाह: नई दरों की आधिकारिक घोषणा के लिए UPERC की वेबसाइट (uperc.org) को नियमित रूप से चेक करते रहें।











