
12 राज्यों से आए प्रतिभागियों ने जाना शिवबंकी एफपीओ का सफल व्यवसाय मॉडल, किसानों ने भी साझा किए अनुभव
बाराबंकी, 10 सितंबर 2026।
बैंकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट (बीआईआरडी), नाबार्ड द्वारा आयोजित “जलवायु अनुकूल कृषि एवं आजीविका : गैर सरकारी संगठनों एवं किसान उत्पादक संगठनों के लिए” कार्यक्रम के अंतर्गत शिवबंकी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, सफेदाबाद, बाराबंकी में एक्सपोजर विजिट आयोजित की गई। कार्यक्रम 7 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के 12 राज्यों से आए प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की कार्यक्रम निदेशक डॉ. स्नेहल एम. बंसोड़, उप महाप्रबंधक-एफएम तथा रजनी पांडेय, उप महाप्रबंधक-एफएम, बीआईआरडी के नेतृत्व में प्रतिभागियों को शिवबंकी एफपीओ की विभिन्न गतिविधियों, व्यवसायिक कार्यप्रणाली तथा किसानों को मिल रहे लाभों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर शिवबंकी एफपीओ से जुड़े किसान भी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।
शिवबंकी एफपीओ के निदेशक अतुल जी ने कृषि निवेश व्यवसाय के संचालन और समेकित कीट प्रबंधन (आईपीएम) के उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईपीएम तकनीक अपनाकर किसान अनावश्यक कृषि निवेश लागत को कम कर सकते हैं। आईपीएम विशेषज्ञ शरद शर्मा जी ने आईपीएम आधारित उत्पादों और उनके उपयोग से किसानों को होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
एफपीओ के निदेशक राजकुमार जी ने “शाक सब्जी – हर घर के लिए” पहल के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से किसानों की सब्जियों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों को मंडी की तुलना में बेहतर मूल्य मिलने का अवसर मिल रहा है। साथ ही उपभोक्ताओं को ताजी एवं गुणवत्तापूर्ण सब्जियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
एफपीओ के सचिव आशीष यादव ने संस्था में अनुपालन एवं दस्तावेजीकरण के प्रबंधन की जानकारी दी। वहीं व्यवसाय समन्वयक अवधेश जी ने अपने कार्य अनुभव साझा करते हुए किसानों, एफपीओ और बाजार के बीच बेहतर समन्वय के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रमोटर आशीष कुमार यादव ने अपने डेयरी व्यवसाय से जुड़े अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए। उन्होंने डेयरी के क्षेत्र में किसानों के साथ काम करने के अनुभव तथा इससे जुड़ी व्यवसायिक संभावनाओं के बारे में जानकारी दी।
इस दौरान एफपीओ के व्यवसाय प्रमुख अजेंद्र सिंह ने शिवबंकी की व्यापारिक यात्रा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार छोटे स्तर से व्यवसाय की शुरुआत की गई और किसानों की जरूरतों तथा बाजार की मांग को समझते हुए एफपीओ की गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने “शाक सब्जी – हर घर के लिए” ब्रांड के निर्माण, प्रचार-प्रसार और किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी। साथ ही एफपीओ की आगामी योजनाओं और व्यवसाय विस्तार की रणनीति से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
एक्सपोजर विजिट के दौरान शिवबंकी एफपीओ से जुड़े किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा एफपीओ के माध्यम से कृषि निवेश, बाजार और अपनी उपज के बेहतर मूल्य से मिलने वाले लाभों के बारे में बताया।
इस अवसर पर शिवबंकी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने कृषि निवेश, आईपीएम, सब्जी विपणन, डेयरी और सीधे बाजार से जुड़ाव जैसी गतिविधियों के माध्यम से किसान-केंद्रित एवं टिकाऊ व्यवसाय मॉडल प्रस्तुत किया।
बीआईआरडी, नाबार्ड, शिवबंकी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और “शाक सब्जी – हर घर के लिए” की पहल किसानों को संगठित कर उन्हें बेहतर बाजार, कम लागत और टिकाऊ आजीविका से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी उदाहरण के रूप में सामने आई।










