आईसीसीएमआरटी में सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने डिजिटल लाइब्रेरी, अत्याधुनिक जिम एवं डिजिटल कॉन्फ्रेंस हॉल का किया लोकार्पण

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इंस्टीट्यूट ऑफ को-ऑपरेटिव एंड कॉरपोरेट मैनेजमेंट रिसर्च एंड ट्रेनिंग (आईसीसीएमआरटी), लखनऊ में सोमवार को आयोजित विशेष समारोह में सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक एवं सर्वांगीण विकास हेतु डिजिटल लाइब्रेरी, अत्याधुनिक जिम तथा ऑनलाइन कक्षाओं व प्रशिक्षण हेतु डिजिटल कॉन्फ्रेंस हॉल का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने भारत सरकार के नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा अनुमोदित 150 किलोग्राम तक की क्षमता वाले मीडियम कैटेगरी ड्रोन पायलट प्रशिक्षण का भी विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री ने आईसीसीएमआरटी द्वारा प्रशिक्षित एम-पैक्स से जुड़ी महिलाओं को ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

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समारोह में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि आधुनिक युग तकनीक और नवाचार का है, ऐसे में विद्यार्थियों को समय के साथ कदम मिलाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल करनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक समझ, त्वरित व सटीक निर्णय लेने की क्षमता और सकारात्मक सोच विकसित करने का आह्वान किया। सहकारिता मंत्री ने कहा कि तकनीक जितनी कल्याणकारी है, उसका अनुचित उपयोग उतना ही नुकसानदेह भी हो सकता है, इसलिए एआई और डिजिटल संसाधनों का उपयोग सकारात्मक रूप से राष्ट्र निर्माण और समाज कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे श्रेय की चिंता किए बिना निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दें।

ड्रोन प्रशिक्षण कार्यक्रम की महत्ता को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि आईसीसीएमआरटी द्वारा पूर्व में 25 किलोग्राम तक के ड्रोन पायलट प्रशिक्षण के तहत अब तक 747 महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। अब डीजीसीए से 150 किलोग्राम क्षमता के मीडियम ड्रोन पायलट प्रशिक्षण की अनुमति मिलने से न केवल युवाओं व महिलाओं को स्वावलंबन और रोजगार के व्यापक अवसर मिलेंगे, बल्कि पुलिस, अग्निशमन, सीआरपीएफ तथा आरपीएफ जैसे सरकारी विभागों के कार्मिकों को भी यहां आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में प्रत्येक मंडलीय जिले की एक-एक पैक्स को ड्रोन व ई-रिक्शा उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका अगले चरणों में जनपदों व तहसीलों तक विस्तार होगा, जिससे कृषि प्रबंधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

सहकारिता मंत्री ने जानकारी दी कि आईसीसीएमआरटी को आनंद (गुजरात) स्थित त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त हो गई है, जिसके अंतर्गत संस्थान में एमबीए-कोऑपरेटिव, एमबीए-एग्रीकल्चर, बीबीए-कोऑपरेटिव एंड फाइनेंस जैसे विशिष्ट डिग्री पाठ्यक्रमों के साथ 50 से अधिक सर्टिफिकेट कोर्सेज शुरू किए जा रहे हैं। इससे सहकारिता तंत्र व बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों की कार्यक्षमता और दक्षता में गुणात्मक सुधार होगा।

समारोह में प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला ने छात्र-छात्राओं को नई तकनीकों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता कुमार प्रशांत ने संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक राजीव यादव ने आईसीसीएमआरटी की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। इस अवसर पर अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक (प्रशासन) अनिल कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक (पीसीएफ) नीरज शुक्ला, उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शैलेंद्र शर्मा ‘अटल’, विभिन्न सहकारी संस्थाओं के अधिकारी, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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