
भूमि विवादों में राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीमें मौके पर जाकर करें प्रभावी निस्तारण
लखनऊ: 26 अक्टूबर, 2026
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को लखनऊ स्थित अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर जनता दर्शन के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को न्याय दिलाना, उनकी समस्याओं का समाधान करना और पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन जनता की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान की प्रभावी व्यवस्था है। शासन की मंशा है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी जायज समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। उन्होंने फरियादियों को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और पात्र लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
जनता दर्शन में भूमि विवाद, अवैध कब्जे, राजस्व एवं पुलिस से संबंधित प्रकरणों के साथ चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और रोजगार सहित विभिन्न विषयों से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। श्री मौर्य ने प्रत्येक फरियादी की बात संवेदनशीलता और गंभीरता से सुनी तथा संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ संबंधित व्यक्ति को वास्तविक रूप से मिलना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक प्रकरण में प्रभावी कार्रवाई करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान मिले और उसे बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जहां आवश्यकता हो, अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति का आकलन करें और समस्या का उचित समाधान कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों के निस्तारण की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए, ताकि प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
भूमि विवादों एवं जमीन पर अवैध कब्जे से संबंधित शिकायतों पर विशेष ध्यान देते हुए श्री मौर्य ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त टीमें गठित कर उन्हें मौके पर भेजा जाए। स्थलीय निरीक्षण के आधार पर प्रकरणों की वास्तविक स्थिति का पता लगाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, जिससे पीड़ितों को समय से न्याय मिल सके। उत्पीड़न तथा अवैध कब्जे के मामलों में गंभीरता से कार्रवाई करते हुए आवश्यकतानुसार कठोर कदम उठाए जाएं।
श्री मौर्य ने महिलाओं, दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंद लोगों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए लोगों को राहत पहुंचाई जाए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण और आमजन की खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध है। जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान, जरूरतमंदों को सहायता और पात्र व्यक्तियों तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना सुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अधिकारियों को चाहिए कि वे जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें, ताकि प्रत्येक फरियादी को न्यायपूर्ण समाधान मिल सके और शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हो।











