
फैजुल्लागंज में स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता: मिल्लतनगर, गोमती विहार और उमरावखेड़ा में बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण व दवा वितरण
लखनऊ। गोमती नदी के बाढ़ के बाद फैजुल्लागंज क्षेत्र में जलजनित और मच्छर जनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार को स्वास्थ्य कर्मियों की टीमों ने मिल्लतनगर और गोमती विहार में 60 घरों का विस्तृत स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया। साथ ही काकोरी के उमरावखेड़ा में भी व्यापक निरीक्षण कर किटें वितरित की गईं।
घर-घर पहुंचकर जागरूकता और राहत
स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने मिल्लतनगर और गोमती विहार के 60 घरों का दरवाजा-दरवाजा जाकर स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया। टीम ने लोगों को क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस पैकेट वितरित किए। साथ ही साफ-सफाई रखने, दूषित पानी से बचने और संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज कराने की सलाह दी।
मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मिल्लतनगर में 53 और गोमती विहार में 31 लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इन शिविरों में बुखार, दस्त, त्वचा संबंधी शिकायतें और अन्य बाढ़ संबंधी बीमारियों का मुफ्त इलाज किया गया।
उमरावखेड़ा में भी व्यापक अभियान
काकोरी के उमरावखेड़ा में स्वास्थ्य टीम ने 250 घरों का स्थलीय निरीक्षण किया और आवश्यक स्वास्थ्य किटें बांटीं। ये किटें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित रोगों से बचाव के लिए विशेष रूप से तैयार की गई हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह के निर्देश पर पूरे फैजुल्लागंज क्षेत्र में 27 स्वास्थ्य टीमें लगाई गई हैं। ये टीमें लगभग 6,000 घरों तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर काम कर रही हैं। प्रत्येक टीम में बेसिक हेल्थ वर्कर, नॉन-मेडिकल असिस्टेंट और आशा कार्यकर्ता शामिल हैं। छह डॉक्टरों की देखरेख में यह अभियान चल रहा है।
क्यों जरूरी है यह अभियान?
बाढ़ के पानी के उतरने के बाद ठहरे हुए पानी और कीचड़ में बैक्टीरिया, वायरस और मच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ता है। इससे डायरिया, हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने 108 एंबुलेंस और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को 24 घंटे अलर्ट पर रखा है।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि टीमें लोगों को साफ पानी पीने, हाथ धोने और मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की सलाह दे रही हैं। लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या मोबाइल मेडिकल यूनिट से संपर्क करने की अपील की गई है।
नागरिकों के लिए सलाह
- पानी हमेशा उबालकर या क्लोरीन की गोली डालकर पिएं।
- ओआरएस का घोल तैयार रखकर रखें।
- घर के आसपास पानी न जमा होने दें।
- बुखार, उल्टी, दस्त या शरीर में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।
फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयास संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने में अहम साबित हो रहा है। विभाग का कहना है कि जोखिम पूरी तरह नियंत्रण में आने तक यह निगरानी और राहत कार्य जारी रहेंगे।











