मंत्री धर्मपाल सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

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बहराइच। प्रदेश के मंत्री, पशुधन एवं दुग्ध विकास, राजनैतिक पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज तथा नागरिक सुरक्षा विभाग श्री धर्मपाल सिंह ने जनपद भ्रमण के दौरान लो.नि.वि. निरीक्षण भवन, बहराइच में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस अवसर पर सदर विधायक श्रीमती अनुपमा जायसवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय, पुलिस क्षेत्राधिकारी राजीव कुमार सिसोदिया, अपर निदेशक पशुपालन डॉ. केदार नाथ कुशवाहा, प्रधान प्रबन्धक दुग्ध संघ देवीपाटन मण्डल गोण्डा कन्हैया लाल यादव, जिला विकास अधिकारी महेन्द्र कुमार पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय व अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान सीवीओ डॉ. उपाध्याय ने बताया कि जनपद में 07 वृहद गौआश्रय स्थल व 106 अस्थायी गौआश्रय स्थल संचालित है जिसमें 28347 गौवंश संरक्षित हैं। जनपद में निराश्रित गोवंशों को संरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित किये गये अभियान के दौरान 5400 गोवंशों को संरक्षित किया गया है। मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिया कि जनपद में निर्माणाधान वृहद केन्द्रों को निर्धारित मानक व गुणवत्ता के साथ समय से पूर्ण कराकर अवशेष गौवंशों को संरक्षित किया जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि संरक्षित गोवंशों को शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार चारे-पानी, भूसा, आवास व चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाय। गोवंशों के संरक्षण में धनाभाव की स्थिति आड़े नहीं आने दी जायेगी।
मंत्री श्री सिंह ने विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि गोसंरक्षण केन्द्रों पर कार्यरत कार्मिकों विशेष रूप से केयर टेकरों को समय से मानदेय का भुगतान किया जाय तथा अन्य मदों में बिलों को लम्बित न रखा जाय ताकि गोवंशों का संरक्षण बेहतर से बेहतर ढंग से हो सके। श्री सिंह ने यह भी निर्देश दिया कि निजी क्षेत्रों में संचालित गौशालाओं से सम्बन्धित देयकों के भुगतान हेतु समयबद्ध तरीके से कार्यवाही की जाय। मंत्री ने निर्देश दिया कि स्थानीय स्तर पर हेल्पलाइन नम्बर बनाकर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करा दिया जाय ताकि आमजन द्वारा निराश्रित गोवंशों के सम्बन्ध में सूचना दी जा सके। मंत्री ने सहभागिता योजना का दायरा बढ़ाये जाने का भी निर्देश देते हुए कहा कि यह बहुत अच्छी योजना है अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित कर उन्हें योजना से आच्छादित किया जाय।
मंत्री श्री सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए नस्ल सुधार पर विशेष फोकस किया जाय। अधिक से अधिक पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराएं ताकि अधिक संख्या में बछिया की पैदावार होने से पशुपालकों को लाभ हो। शासन द्वारा निर्धारित मानक तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार टीकाकरण एवं पशु उपचार के लिए अभियान संचालित करते रहें। पशुओं में संक्रामक रोग की रोकथाम के लिए जिले में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाये रखी जाय। गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों का भी नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उपचार उपलब्ध कराएं तथा गौआश्रय स्थलों में मौसम के अनुकूल व्यवस्थाएं की जाएं।
दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिया कि जनपद में दुग्ध समितियों का समय से भुगतान किया जाय तथा जो समितियां निष्क्रिय हैं उन्हें क्रियाशील किया जाय। श्री सिंह ने कहा कि तराई के क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन की कोई कमी नहीं है। विभागीय अधिकारी योजनाओं से आमजन को जोड़ने का प्रयास करें ताकि जिले में दुग्ध उत्पादन वृद्धि हो सके और पशुपालकों के जीवन में खुशहाली आये। उन्होंने जिले के प्रमुख स्थानों पर मिल्क पार्लर खुलवाये जाने के निर्देश दिये। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि देश के मा. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी व प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की शीर्ष प्राथमिकता में किसान व पशुपालक हैं। देश के किसानों में खुशहाली आने से देश स्वतः ही खुशहाल होगा।

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