बाबा द्वारा पौती के प्रेम प्रसंग में साथ देना बना हत्या का कारण

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बाराबंकी। तीन दिन पूर्व सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सराय का स्थान मे 80 वर्षीय वृद्ध की हुई हत्या का खुलासा करते हुए सर्विलांस एव सफदरगंज पुलिस ने कलयुगी पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हत्यारे ने पुत्री के इश्क मे बाबा द्वारा किये जा रहे सहयोग से क्षुब्ध होकर हत्या की थी।
बताते चले कि गत 3 नवंबर की सुबह सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सराय का स्थान निवासी 80 वर्षीय वृद्ध बहादुर पुत्र मंगरे का शव गाँव के बाहर स्थित उसकी कुटिया के निकट मिला था मृतक के पुत्र संतराम ने थाना सफदरगंज मे तहरीर देकर पुरानी रंजिश के चलते जैदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम टाडपुरवा निवासी विट्टू उर्फ बब्लू व सरवन पुत्रगण श्रीकेशन व कोठी थाना क्षेत्र के ग्राम् अकनपुर संग्राम सिंह पुत्र फूलचंद, व गुलरिहा जैदपुर विपिन विपीन चंद्र हरीनाथ पर हत्या पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने वादी संताराम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जब जाँच मे जुटी तो मामला कुछ और ही सामने आ गया जिसमे जिस पिता ने पालपोस कर बड़ा किया वही कलयुगी पुत्र ही पिता का हत्यारा निकला।
पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह द्वारा घटना से सम्बन्धित समस्त पहलुओं की जांच कर संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने हेतु पुलिस टीम का गठन किया गया तथा आवश्यक निर्देश दिए गये। पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल से एकत्रित किये गये साक्ष्य संकलन, मैनुअल इंटेलीजेंस एवं डिजिटल डेटा की मदद से घटना का सफल अनावरण किया जिसमे नामजद किये अभियुक्तों की गलत नामजदगी पाते हुए मृतक के पुत्र संतराम को उधौली ओवरब्रिज के निकट से गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया।
प्रभारी निरीक्षक सफदरगंज ब्रजेश कुमार वर्मा एव सर्विलांस स्वाट टीम के प्रभारी अमर कुमार चैरसिया, रमाकांत भारतीय की टीम ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर जब पूछताछ की तो अभियुक्त ने जुर्म कुबूल करते हुए पिता की हत्या किये जाने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि
मेरी पुत्री का बिट्टू उर्फ बब्लू से प्रेम प्रसंग था और जिसे भगा ले जाने के सम्बन्ध में थाना जैदपुर पर अभियोग दर्ज कराया था तथा बिट्टू जेल गया अब जब बिट्टू जमानत पर आ गया है तो मृतक द्वारा मेरी पुत्री आश्वस्त किया जा रहा था कि वह उसकी शादी बिट्टू उर्फ बब्लू से ही करा देगा। मृतक बहादुर द्वारा करवाचैथ के दिन पोती के लिए विवाहिता का सामान लाये जाने पर अभियुक्तवादी संतराम द्वारा विरोध किया गया तथा दोनों के मध्य वाद-विवाद व गाली गलौज हुआ था। वादीध्अभियुक्त संतराम द्वारा मान सम्मान की रक्षा एवं नामित व्यक्तियों को फंसाने के उद्देश्य से अपने ही पिता की गमछे से गला कसकर व ईंट से कूचकर हत्या कर दी गई थी।

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