जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक

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शाहजहाँपुर। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शासन द्वारा संचालित सभी लाभार्थीपरक योजनाओं का पूर्ण लाभ पात्रों को मिले, यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी इसमें पूरी सावधानी रखें और अपना लॉगिन तथा पासवर्ड किसी को न दें। उन्होंने विभिन्न प्रकार की पेंशनों से संबंधित विभागों के अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए।  
शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुये जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक कार्यालय मे जनता की समस्याए नियमित रूप से सुनकर उनका प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि सभी कार्यालयों के लैण्डलाइन फोन क्रियाशील रहे तथा सभी अधिकारी अपने निर्धारित मुख्यालय पर ही रात्रि विश्राम सुनिश्चित करें। मानव सम्पदा पोर्टल पर स्किल कैपसिटी बिल्डिंग सम्बन्धित कोर्स किये जाने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिये।   खराब हैण्ड पम्पों का शीघ्र रिबोर कराये जाने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिये।
जिलाधिकारी ने कहा कि मत्स्य पालन किसानो की आय को शीघ्रता से बढ़ाने का सबसे अच्छा विकल्प है कई प्रदेशों मे किसान मत्स्य पालन कर अपनी आय बढ़ाते हुये तेजी से समृद्ध हुये है। उन्होने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप अधिक से अधिक किसानों को मत्स्य पालन सम्बन्धित योजनाओं का लाभ दिये जाने हेतु व्यापक प्रचार प्रसार किया जाये तथा एफपीओ के साथ बैठक कर उन्हे भी योजनाओं के विषय में जानकारी दी जाये। आगामी वृक्षारोपण महाभियान के अन्तर्गत सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर स्थलों का चिन्हीकरण करते हुये 29 जून तक गड्ढा खुदान का कार्य पूर्ण करें। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के मानको के अन्तर्गत आने वाले सभी सरकारी एवं निजी संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सयंत्र स्थापित कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। कैच द रैन कार्यक्रम को भी प्रभावी रूप से लागू किये जाने के निर्देश दिये। सहकारी देयों की वसूली में खराब प्रदर्शन कर एआर कोआपरेटिव को नोटिस जारी करते हुये सुधार करने हेतु निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने पीएमजीएसवाई के अन्तर्गत बनाई जा रही सड़कों का अद्यतन विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश सम्बन्धित अधिशासी अभियन्ता को दिये। निराश्रित गोवशों के निरीक्षण के दौरान पायी गयी कमियों पर उत्तर दायित्व का निर्धारण कर दोषियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनश्चिित करने के निर्देश मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दिये।

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