दीपोत्सव-2026 तथा देव दीपावली का आयोजन भव्य एवं अविस्मरणीय ढंग से किया जाए-पर्यटन मंत्री

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उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने बुधवार को पर्यटन भवन में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के कार्यकलापों की गहन समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्थाओं एवं क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुमोदित कार्य योजनाओं को नवम्बर तक पूरा करते हुए दिसम्बर में लोकार्पण के लिए तैयार किया जाए। उन्होंने सभी क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारियों को राज्य योजना अंतर्गत सम्मिलित परियोजनाओं के आगणनों को तीन दिन के अंदर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। विलम्ब होने की दशा में जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्यवाही की जायेगी।
उन्होंने कार्ययोजना के अंतर्गत आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर उनका समाधान करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने 01 अप्रैल, 2026 से 26 अक्टूबर, 2026 तक कुल प्राप्त उपयोगिता प्रमाण पत्रों के विवरण की भी समीक्षा की। इसके अलावा पीपीपी मॉडल पर आवंटित संपत्तियों से लीज रेंट की वसूली की भी जानकारी ली।
बैठक में बताया गया कि रामगढ़ ताल गोरखपुर तथा देवरिया एवं नैमिषारण्य सीतापुर में लीज रेंट बकाया नहीं है। इसके अलावा कालिंजर बांदा, राधाकुण्ड मथुरा, सुमेर सिंह किला इटावा, देवाशरीफ बाराबंकी, शिकोहाबाद फिरोजाबाद, गोपीगंज भदोही, मुंशीगंज अमेठी, कपिलवस्तु का कोई भी बकाया नहीं है। इसके अतिरिक्त विन्ध्याचल मिर्जापुर, भदोही झील महल रेस्टोरंेट मऊ तथा आगरा, मथुरा की सम्पत्तियों से लीज रेंट वसूला जा चुका है। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 तक जिला महोत्सव हेतु उपलब्ध कराई गयी धनराशि के सापेक्ष सम्पन्न कार्यक्रमों का विवरण एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र की समीक्षा की।
पर्यटन मंत्री ने दीपोत्सव-2026 में किये जाने वाले आयोजन एवं उनके सापेक्ष क्रियान्वयन की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिये कि दीपोत्सव-2026 को भव्य एवं अविस्मरणीय बनाने में कोई कोेताही न की जाए। इसके अतिरिक्त देव दीपावली वाराणसी-2026 के आयोजन की भी समीक्षा की। उन्होंने संग्रहालयों के क्यूरेशन कार्य, मूर्तियों के निर्माण एवं स्थापना तथा मा0 मंत्री परिषद के विचारार्थ लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करते हुए वेबसाइट पर क्यूआर कोड को लिंक कराने का कार्य निर्धारित समय में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने प्राचीन, ऐतिहासिक तथा पुरातात्विक महत्व के स्थलों का शिलालेखन का कार्य, उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, मान्यताओं एवं किवदंतियों को शामिल करते हुए किया जाए।
पर्यटन मंत्री ने पूर्व बैठकों में लिये गये निर्णय के सापेक्ष अनुपालन की भी समीक्षा की। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार के संभावित योजनाओं की स्थिति, राही पर्यटक आवास गृहों को प्रबंधकीय संविदा पर संचालन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह चुनावी वर्ष है, इसलिए युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए सभी लंबित परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ पूरा करें।
बैठक में अपर मुख्य सचिव पर्यटन संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य श्री अमृत अभिजात, निदेशक संस्कृति श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक एवं विशेष सचिव पर्यटन श्री मृदुल चौधरी, विशेष सचिव संस्कृति श्रीमती दीपा रंजन, एमडी पर्यटन विकास निगम श्री आशीष कुमार, पर्यटल सलाहकार श्री जे0पी0 सिंह के अलावा मंजू चौधरी, रेनू रंग भारती, तुहिन द्विवेदी एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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