
रामगढ़:- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग संस्थान में हुई भीषण आग की घटना ने पूरे देश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में 15 छात्रों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हैं। इस घटना के बाद रामगढ़ जिले के अभिभावकों में गहरी चिंता फैल गई है।
जिले के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता अब खुलकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि बेहतर शिक्षा और भविष्य की तैयारी के लिए वे बच्चों को कोचिंग संस्थानों में भेजते हैं, लेकिन यदि वहां आग से बचाव और आपातकालीन निकास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

अभिभावकों की चिंता:- रामगढ़ शहर समेत पतरातू, भुरकुंडा, कुज्जू, गोला और आसपास के अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों में रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं, इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य कोर्स की तैयारी के लिए पहुंचते हैं।
एक अभिभावक ने बताया, “हम अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देने के लिए कोचिंग भेजते हैं। लेकिन लखनऊ जैसी घटना के बाद रात को नींद नहीं आ रही है। क्या हमारे यहां फायर सेफ्टी, फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट और अलार्म सिस्टम ठीक से लगा हुआ है? क्या ये संस्थान नियमित जांच से गुजरते हैं?
”अभिभावक मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर चिंता जता रहे हैं:-
-आग से बचाव के उपकरणों (फायर एक्सटिंग्विशर) की उपलब्धता और उनका नियमित चेकअप
– इमारतों में पर्याप्त आपातकालीन निकास द्वार- विद्युत वायरिंग की सुरक्षा और शॉर्ट सर्किट की रोकथाम
– कोचिंग संस्थानों का भवन मानकों के अनुसार निर्माण
– स्टाफ और छात्रों को फायर ड्रिल की ट्रेनिंग
लखनऊ हादसे से मिली सीख:- लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुई इस घटना में मुख्य रूप से धुएं से दम घुटने के कारण मौतें हुईं। रिपोर्ट्स के अनुसार संस्थान में फायर अलार्म और उचित निकास की कमी बताई जा रही है। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यभर में सैकड़ों कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है और कई को सील भी किया गया है।यह घटना पूरे देश के लिए चेतावनी है, खासकर उन इलाकों के लिए जहां बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग के लिए आते हैं।
क्या करें अभिभावक और संस्थान?-अभिभावकों के लिए:** अपने बच्चे की कोचिंग संस्थान की सुरक्षा जांच खुद करें। फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, एग्जिट प्लान और इमरजेंसी नंबर्स की जानकारी लें।
–कोचिंग संचालकों के लिए: तुरंत फायर ऑडिट करवाएं, स्टाफ को ट्रेनिंग दें और छात्रों को जागरूक करें।
–प्रशासन से अपील: स्थानीय प्रशासन और फायर विभाग से मांग है कि सभी कोचिंग संस्थानों का नियमित निरीक्षण हो और जो मानकों पर खरे नहीं उतरते, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
निष्कर्ष: शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है छात्रों की सुरक्षा। लखनऊ की त्रासदी को सिर्फ एक हादसा मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। रामगढ़ समेत पूरे झारखंड में कोचिंग संस्थानों को अब सख्त सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
अभिभावकों को जागरूक रहना चाहिए और संस्थानों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।











