डेंगू, मलेरिया, बुख़ार की रोकथाम, उपचार के गंभीर प्रयास किए जाएं : जिलाधिकारी

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बाराबंकी। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि जनपद मे चिकित्सा सेवाओं की मानक अनुसार उपयोगिता सुनिश्चित किया जाना स्वास्थ्य विभाग की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों, डेंगू मलेरिया आदि की रोकथाम तथा इसके उपचार के समुचित एवं गंभीर प्रयास किए जाएं। जिलाधिकारी ने हैदरगढ़ तथा त्रिवेदीगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो दो मातृ मृत्यु के प्रकरण की जिला स्तरीय समिति गठित कर जांच कराए जाने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए तथा कहा कि सम्बंधित कर्मचारियों के विरुध्द नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अनुपस्थित प्रभारी तीन डॉक्टरों का वेतन रोकने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी आज लोक भवन सभागार में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला स्वास्थ्य समिति, रोगी कल्याण समिति, संचारी रोग, जन्म मृत्यु पंजीकरण की अंतरविभागीय बैठकों की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती एकता सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सुश्री नेहा बैडवाल, अपर जिलाधिकारी श्री अरुण सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव सहित सभी सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ डीपीआरओ, बीएसए सहित समस्त सम्बंधित विभाग दस्तक एवं संचारी रोगों के रोकथाम के लिए निर्धारित कार्यों को पूरी निष्ठा के साथ ससमय सम्पादित करें। उन्होंने कहा कि वेक्टर जनित एवं जलजनित रोगों पर नियंत्रण के लिए गंभीर प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि डेंगू और मलेरिया बुखार आदि बीमारियों की रोकथाम तथा उपचार के समुचित कार्य करें।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि सड़कों के किनारे झाड़ियों की सफाई कराएं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में में जागरूकता अभियान भी चलाया जाए ताकि साफ सफाई पर विशेष ध्यान देकर बीमारियों के फैलाव को रोकने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि डेंगू के सम्बंध में आम जन के बीच विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण के प्रभावी अनुश्रवण के लिए सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पर ध्यान देने के साथ ही मृत्यु पंजीकरण के सम्बंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जन्म-मृत्यु की घटनाओं का प्रमाण पत्र २१ दिन के अंदर निरूशुल्क जारी किए जाने का प्रावधान है । जिलाधिकारी ने कहा कि देरी से हो रहे जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन की समस्या को जल्द दूर किया जाए । इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए । सभी नामित रजिस्ट्रार यह सुनिश्चित करें कि जन्म- मृत्यु पंजीकरण सही व प्रभावी तरीके से किया जा रहा हो ।
जिलाधिकारी ने कहा कि अफसर क्षेत्र भ्रमण के दौरान कम से कम एक जन्म-मृत्यु पंजीकरण इकाई का निरीक्षण कर मॉनिटरिंग करें। जन्म-मृत्यु पंजीकरण में किसी भी तरह के अनियमितता अथवा लोगों को अनावश्यक भाग-दौड़ कराने की शिकायत मिली तो कड़ी कार्यवाई सुनिश्चित की जाएगी। सभी पंचायत भवनों व निकाय कार्यालयों पर जन्म-मृत्यु पंजीकरण संबंधी बोर्ड लगवाने के भी उन्होंने निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोगों की रोकथाम तथा महिला चिकित्सा से सम्बंधित कार्यो का लगातार अनुश्रवण किया जा रहा है, लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, चिकित्सा का कार्य केवल कार्य ही नहीं यह मानव सेवा से जुड़ा हुआ है, इसके मानवीय पक्ष की बिल्कुल भी उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए।

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