
प्रभारी जनपद न्यायाधीश जैनेन्द्र कुमार पाण्डेय ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ; जिला जज मलखान सिंह के निर्देशन में हुआ वृहद आयोजन
कमजोर व वंचित वर्गों को निःशुल्क विधिक परामर्श के साथ मौके पर ही उपलब्ध कराए गए जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ
दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल, मत्स्य पालकों को आइस बॉक्स मोपेड तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को बांटे गए स्वीकृति प्रमाण पत्र
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष/वरिष्ठ न्यायमूर्ति के निर्देशानुसार रविवार को प्रदेश व्यापी अभियान के तहत लखनऊ में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का सफल आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के अध्यक्ष मलखान सिंह के कुशल निर्देशन में पुराना उच्च न्यायालय कैसरबाग के गेट संख्या-5 परिसर में आयोजित इस वृहद शिविर का शुभारंभ प्रभारी जनपद न्यायाधीश जैनेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर अपर जिला जज/नोडल अधिकारी प्रकाश तिवारी, अपर जिलाधिकारी/नोडल अधिकारी राज बहादुर सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा सहित न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, पराविधिक स्वयंसेवक (पीएलवी), नामिका अधिवक्ता तथा लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता उपस्थित रहे।
शिविर के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के निर्बल, निर्धन एवं वंचित वर्गों, दिव्यांगजनों, बच्चों, महिलाओं, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तथा अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लोगों को विधिक सहायता के साथ-साथ शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना है। शिविर में निःशुल्क कानूनी सहायता, विधिक परामर्श एवं लोक अदालतों से जुड़ी आवश्यक जानकारियां एक ही मंच पर प्रदान की गईं। इस वृहद शिविर में जिला विकास, समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, महिला एवं बाल विकास, बेसिक, माध्यमिक, उच्च व प्राविधिक शिक्षा, कृषि, मत्स्य पालन, श्रम कल्याण, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कौशल विकास एवं उद्योग, राजस्व, परिवहन, आवास एवं नगर विकास, डूडा, नाबार्ड, सीमैप, खाद्य सुरक्षा एवं रसद विभाग सहित विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने सहभागिता की। सभी विभागों द्वारा स्थापित स्टॉलों और हेल्प-डेस्क के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही मौके पर ही लाभान्वित किया गया।
वृहद विधिक सहायता शिविर में विभिन्न विभागों के सहयोग से जरूरतमंदों को सीधे लाभ एवं आवश्यक उपकरणों का वितरण किया गया। इसके अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को निःशुल्क ट्राइसाइकिल तथा मत्स्य विभाग द्वारा लाभार्थियों को आधुनिक आइस बॉक्स युक्त मोपेड प्रदान की गई। युवाओं को स्वावलंबी बनाने हेतु मुख्यमंत्री युवा योजना के अंतर्गत बैंक व्यापार ऋण के चेक वितरित किए गए, वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षय (टीबी) रोगियों को पुष्टाहार पोटली सौंपी गई। उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा कन्या विवाह सहायता योजना तथा जिला प्रोबेशन कार्यालय द्वारा निराश्रित महिला पेंशन के स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
शिविर में सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक संबल से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को भी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इनमें कोविड-19 महामारी में निराश्रित हुए बच्चों के भरण-पोषण व शिक्षा हेतु उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (2.0) तथा पीएम स्वनिधि योजना के स्वीकृति पत्र सम्मिलित रहे। साथ ही कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रशस्ति पत्र, दुग्धशाला विकास विभाग द्वारा निबंधन प्रमाण पत्र, नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के प्रमाण पत्र और समाज कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के स्वीकृति प्रमाण पत्र पात्र लोगों को प्रदान किए गए। विधिक सहायता के साथ शासकीय योजनाओं के इस सीधे जुड़ाव से बड़ी संख्या में आम नागरिकों को त्वरित राहत और सुलभ न्याय का लाभ प्राप्त हुआ।















