न्याय चला जन-जन के द्वार: कान्हा वन में वृहद विधिक सहायता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का मेगा शिविर आयोजित

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जिला न्यायाधीश ने किया शुभारंभ, विभिन्न विभागों के स्टॉलों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़कर किया गया लाभान्वित

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न्यायिक सुविधाओं, निःशुल्क विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की अभिनव पहल

न्यायपालिका, प्रशासन और विभागों ने मिलकर खोला जनकल्याण का द्वार, पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से किया लाभान्वित

अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में रविवार को ‘न्याय चला जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के अंतर्गत कान्हा वन अतिथि गृह में वृहद विधिक सहायता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का मेगा शिविर आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ जिला न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत की मनमोहक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
जिला न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक उसकी पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए। विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य आर्थिक अथवा सामाजिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें न्याय प्राप्त करने में सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपने विधिक अधिकारों एवं उपलब्ध न्यायिक सुविधाओं के प्रति जागरूक रहना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति जानकारी या संसाधनों के अभाव में न्याय से वंचित न रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव साक्षी गर्ग ने कहा कि सरकार की मंशा है कि सामाजिक, आर्थिक अथवा अन्य अक्षमताओं के कारण कोई भी नागरिक न्याय प्राप्त करने से वंचित न रहे। इसी संवैधानिक उद्देश्य को साकार करने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मेगा शिविर का मुख्य उद्देश्य न्याय को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सुनिश्चित कराने में सहयोग करना है। शिविर की विशेषता यह है कि इसमें विधिक सहायता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को एक ही मंच पर जोड़ते हुए आमजन को उनकी समस्याओं के समाधान और योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध कराया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि वर्तमान समय में साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाएं तेजी से सामने आ रही हैं। इनका शिकार कोई भी व्यक्ति हो सकता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने संदिग्ध फोन कॉल, अनजान लिंक और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर धनराशि मांगने वालों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। मोबाइल फोन खोने की स्थिति में भी समय से सूचना देना आवश्यक है। उन्होंने सरल शब्दों में समझाया कि अपने मोबाइल फोन को किसी अपराधी के हाथों का हथियार न बनने दें और अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।
अपर आयुक्त नगर निगम परितोष मिश्रा ने कहा कि न्याय का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना आवश्यक है। इस प्रकार के शिविर प्रशासन, पुलिस और न्यायपालिका के प्रति आमजन की झिझक को दूर करने और उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आगे आने का विश्वास दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं प्रभारी प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पारुल अत्री ने कहा कि यह आयोजन न्यायपालिका एवं कार्यपालिका के आपसी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे जनसामान्य की समस्याओं के निराकरण और पात्र व्यक्तियों को उनके अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में प्रभावी सहायता मिलेगी।
पीठासीन अधिकारी अचल नारायण सकलानी ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की सहायता करने वाले नेक व्यक्तियों के अधिकारों एवं मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत संचालित राहवीर योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित एवं संरक्षित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने लोगों से दुर्घटना के समय घायलों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।

विभिन्न विभागों ने दी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी:

शिविर में जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड की उपयोगिता एवं इसे बनवाने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। बताया गया कि जिला चिकित्सालय में प्रत्येक सोमवार को यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए शिविर आयोजित किया जाता है। पात्र दिव्यांगजनों को भरण-पोषण के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त दिव्यांगजन शादी-विवाह प्रोत्साहन, दुकान संचालन एवं कुष्ठावस्था पेंशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। पेंशन के लिए जनसेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। अग्रणी जिला प्रबंधक अशोक कुमार सोनी ने बैंकिंग एवं वित्तीय समावेशन संबंधी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत शून्य बैलेंस पर बैंक खाता खुलवाने की सुविधा उपलब्ध है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 436 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर दो लाख रुपये का जीवन बीमा एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत दुर्घटना की स्थिति में दो लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध है। उन्होंने श्रमिकों एवं असंगठित क्षेत्र के पात्र नागरिकों को अटल पेंशन योजना सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
पशुपालन विभाग के डॉ. ए.के. सिंह ने पशुओं के उपचार, टीकाकरण, बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान एवं मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने मुर्गी पालन, बकरी पालन एवं सूकर पालन के माध्यम से स्वरोजगार के अवसरों के बारे में भी बताया। इस अवसर पर पशुपालक हितेंद्र सिंह एवं सुभाष को विभागीय योजना के अंतर्गत सहायता राशि भी प्रदान की गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग की नीतू सारस्वत ने निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की जानकारी देते हुए पात्र महिलाओं एवं परिवारों से योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रतिनिधियों ने स्वयं सहायता समूहों के गठन, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा समूहों को उपलब्ध कराई जाने वाली वित्तीय एवं अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया।

पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़कर किया गया लाभान्वित:

मेगा शिविर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, गोकुल एवं नंद बाबा दुग्ध मिशन और कृषि समृद्धि योजना सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिला जज की धर्मपत्नी नम्रता अग्रवाल द्वारा पारंपरिक गोद भराई एवं अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम के अंत में जिला न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे लाभों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने शिविर के माध्यम से आमजन को विधिक अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के प्रयासों की सराहना की। शिविर की नोडल अधिकारी एवं अपर जिला जज प्रतिभा सक्सेना ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में नम्रता अग्रवाल, अचल नारायण सकलानी, प्रतिभा सक्सेना, पारुल अत्री, साक्षी गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन एवं अपर आयुक्त नगर निगम परितोष मिश्रा का पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। शिविर के आयोजन में अधिकार मित्र सईदा खातून, सोनम सिंह, अजय एवं सत्यप्रकाश गौतम ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

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