योगी सरकार का बड़ा कदम: 2-4 मार्च तक UP के हर गांव में महा-सफाई अभियान, मच्छरजनित बीमारियों पर लगाम!

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सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ग्रामीण इलाकों में विशेष स्वच्छता अभियान: तालाब-घाट साफ होंगे, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव से डेंगू-मलेरिया से बचाव। डीएम-सीडीओ करेंगे मॉनिटरिंग –

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लखनऊ, (01 मार्च 2026) – उत्तर प्रदेश में होली पर्व को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत व्यवस्थाओं के निर्देश जारी किए हैं। त्योहार के दौरान मच्छरजनित बीमारियों (जैसे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया) से बचाव और समग्र स्वच्छता पर विशेष फोकस रखते हुए सीएम ने सभी ग्राम पंचायतों में 2 से 4 मार्च तक महा-सफाई अभियान चलाने का आदेश दिया है।

यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य होली के दौरान ग्रामीण इलाकों को साफ-सुथरा रखना और जल स्रोतों को मच्छरों से मुक्त बनाना है। सीएम योगी ने अफसरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि त्योहार से पहले, दौरान और बाद में सफाई व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जाए। सभी जिलाधिकारी (डीएम) और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) इस अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे।

अभियान के मुख्य बिंदु और निर्देश

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि अभियान के तहत निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:- कार्यक्रम स्थलों, घाटों, तालाबों, अमृत सरोवरों और स्नान घाटों की गहन सफाई – होली पर लोग इन स्थलों पर इकट्ठा होते हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह स्वच्छ रखना जरूरी है।-

फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव– मच्छरों के प्रजनन स्थलों पर विशेष छिड़काव किया जाएगा ताकि मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियां न फैलें।-

अपशिष्ट निस्तारण – त्योहार के बाद बचे कचरे का समुचित निपटान। ग्राम पंचायतों में बने रूरल रिसोर्स सेंटर पर सभी कचरा एकत्र किया जाएगा।-

ग्रे वाटर और प्लास्टिक अपशिष्ट पर रोक – घरेलू गंदा पानी तालाबों में न जाए, इसके लिए जागरूकता और रोकथाम के उपाय। प्लास्टिक कचरे को अलग-अलग करके निस्तारण।

जलभराव वाले स्थलों की पहचान और स्थायी समाधान – जल निकासी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि बारिश या त्योहार के दौरान पानी जमा न हो।

होलिका दहन और होली उत्सव स्थलों पर विशेष सफाई – पहले और बाद दोनों में सफाई अभियान चलेगा।

सीएम योगी ने कहा है कि यह अभियान न केवल होली को सुरक्षित बनाएगा बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य को मजबूत करेगा। हाल ही में शुरू हुए “तालाब मेरा, तालाब मेरी जिम्मेदारी” अभियान के तहत हर जिले में मॉडल तालाब विकसित किए जा रहे हैं, जो ग्रे वाटर और प्लास्टिक मुक्त होंगे। पहले चरण में 5,000+ आबादी वाले गांवों पर फोकस है।

क्यों जरूरी है यह तैयारी?

होली के दौरान रंग, पानी और भीड़ से जल स्रोतों में प्रदूषण बढ़ जाता है, जिससे मच्छरों का प्रजनन तेज होता है। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित होने से बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। सीएम योगी की यह पहल स्वच्छता के साथ-साथ जन स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देती है।

इसके अलावा, होली 2026 (3-4 मार्च) के दौरान कानून-व्यवस्था, अवैध शराब पर रोक, बिजली-पानी और यातायात व्यवस्था पर भी अलग-अलग निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को समन्वय से काम करने को कहा है ताकि प्रदेशवासी खुशी-खुशी त्योहार मना सकें।

ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी

सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानीय स्तर पर अभियान चलाएं, ग्रामीणों को जागरूक करें और रिपोर्टिंग करें। जिला पंचायती राज अधिकारी विशेष निगरानी रखेंगे।

यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार की स्वच्छता और स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को दर्शाता है। होली का पर्व अब न केवल रंगों का त्योहार होगा, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य का भी संदेश देगा।

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