
लखनऊ | 13 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश सरकार ने जनहित और आवश्यक सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में अगले छह महीनों के लिए किसी भी प्रकार की हड़ताल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज द्वारा जारी अधिसूचना में उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा), 1966 की धारा-3 की उपधारा (1) के तहत यह आदेश जारी किया गया है।
यह प्रतिबंध प्रदेश सरकार के सभी विभागों, कार्यालयों, निगमों, बोर्डों, प्राधिकरणों और स्थानीय निकायों पर लागू होगा। अधिसूचना में साफ कहा गया है कि आगामी छह महीनों (दिसंबर 2025 से जून 2026 तक) कोई भी कर्मचारी हड़ताल की घोषणा नहीं कर सकेगा और न ही किसी हड़ताल में शामिल हो सकेगा। उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई, जुर्माना या कैद का प्रावधान है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम विशेष रूप से बिजली विभाग में निजीकरण के विरोध में संभावित आंदोलन और अन्य विभागों में मांगों को लेकर दी जा रही हड़ताल की चेतावनी को देखते हुए उठाया गया है। इससे पहले जून 2025 में भी एस्मा लागू किया गया था, जिसकी अवधि समाप्त होने पर इसे फिर से लागू कर दिया गया।
सरकार का कहना है कि आवश्यक सेवाओं में किसी तरह की बाधा से आम जनता को परेशानी न हो, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। सभी विभागों को इस अधिसूचना का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।











