Home अभी-अभी गोरक्षपीठाधीश्वर अर्पित करेंगे गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी का भोग

गोरक्षपीठाधीश्वर अर्पित करेंगे गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी का भोग

0

लखनऊ गोरखपुर । मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार सोमवार को शिवावतार गुरु गोरखनाथ को लोक आस्था की खिचड़ी चढ़ाकर समूचे जनमानस की सुख-समृद्धि की मंगलकामना करेंगे। हालांकि बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला रविवार से ही शुरू हो गया। बड़ी संख्या में जुटे आस्थावानों ने रविवार को ही खिचड़ी चढ़ाकर अपने आराध्य से मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की और आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में लगा मेले में भी लोगों का हुजूम उमड़ गया है। सोमवार को यहां आस्था का जन ज्वार नजर आएगा।

पूरी प्रकृति को ऊर्जस्वित करने वाले सूर्यदेव के उत्तरायण होने पर खिचड़ी चढ़ाने की यह अनूठी परंपरा पूरी तरह लोक को समर्पित है। मान्यता है कि बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाकर मन्नत मांगने वाला कभी निराश नहीं होता। अरुणोदय काल में मकर संक्रान्ति का महापर्व सोमवार को मनाया जायेगा। इस दिन उत्तर प्रदेश, बिहार तथा देश के विभिन्न भागों के साथ-साथ पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाएंगे। आनुष्ठानिक कार्यक्रमों का शंखनाद भोर में ही हो जाएगा। सबसे पहले गोरक्षपीठ की तरफ से पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ खिचड़ी चढ़ाकर बाबा को भोग अर्पित करेंगे। इसके बाद नेपाल राजपरिवार की ओर से आई खिचड़ी बाबा को चढ़ेगी। इसके बाद मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे और जनसामान्य की आस्था खिचड़ी के रूप में निवेदित होनी शुरू हो जाएगी।

मंदिर व प्रशासन की ओर से खिचड़ी महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा का पूर्ण इंतजाम किया गया है। गोराखपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री खुद सभी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। मकर संक्रांति पर्व को लेकर मंदिर व मेला परिसर सज धजकर पूरी तरह तैयार है। समूचा मंदिर क्षेत्र सतरंगी रोशनी में नहाया हुआ है। यहां श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला रविवार सुबह से ही प्रारम्भ हो गया है। मंदिर प्रबंधन की तरफ से उनके ठहरने और अन्य सुविधाओं का पूरा इंतज़ाम किया गया है। प्रशासन की तरफ से रैन बसेरों में भी पूरी व्यवस्था की गई है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version